यह प्रतिमा अद्भुत जान पड़ती है. इसके बारे में विस्तृत जानकारी है क्या? यहाँ कहाँ से लाई गयी? कौन है इसका शिल्पकार आदि. कई बार भारत से इस तरह की प्रतिमाएँ तस्कर उड़ा ले जाते हैं. कहीं यह उनमें से एक तो नहीं?
विस्तृत जानकारी तो हासिल करनी पड़ेगी विजय लेकिन इतना कह सकता हूँ कि यह भारत की नहीं है। यह उस इंस्टीट्यूट की जापानी वीथी में थी, दक्षिण एशियाई वीथी में नहीं। वह अलग है। इस पूरी मूर्ति की फोटो भी डाल रहा हूँ, तस्वीर पूरी हो जाएगी।
राहुल जी, तस्वीर को थोड़ा छोटा करके डालें ताकि एक साथ पूरी तस्वीर को देखा जा सके। मेरे कहने का आशय यह कि क्लोजअप नहीं थोडा दूर से दिखायें, वैसे भी बहुत पास या बहुत दूर की चीजें साफ नहीं दिखायी देतीं।
राहुल जी, तस्वीर को थोड़ा छोटा करके डालें ताकि एक साथ पूरी तस्वीर को देखा जा सके। मेरे कहने का आशय यह कि क्लोजअप नहीं थोडा दूर से दिखायें, वैसे भी बहुत पास या बहुत दूर की चीजें साफ नहीं दिखायी देतीं।
पत्रकार, मुद्रित और टेलिविजन दोनों माध्यमों में, 30 सालों से। दि पायनियर, करेंट, दि इलस्ट्रेटड वीकली, दि वीक, प्रोब, माया, जनसत्ता में प्रिंट पत्रकारिता के बाद आजतक, दूरदर्शन न्यूज, ज़ी न्यूज़, जनमत चैनलों में काम। स्वतंत्र रूप से कुछ वृत्तचित्र निर्माण भी। पिछले कुछ सालों से एचआईवी-एड्स और मीडिया प्रशिक्षण में भी सक्रिय। सम्यक् न्यास के माध्यम से विकास, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, एचआईवी-एड्स आदि में विमर्श और सहकर्म। आजकल भारतीय भाषाओं के भविष्य को लेकर विमर्श और काम को विस्तार देने में संलग्न। हाल तक CNEB समाचार चैनल में प्रधान संपादक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी। अब दैनिक आज समाज में।
यह प्रतिमा अद्भुत जान पड़ती है. इसके बारे में विस्तृत जानकारी है क्या? यहाँ कहाँ से लाई गयी? कौन है इसका शिल्पकार आदि. कई बार भारत से इस तरह की प्रतिमाएँ तस्कर उड़ा ले जाते हैं. कहीं यह उनमें से एक तो नहीं?
ReplyDeleteविस्तृत जानकारी तो हासिल करनी पड़ेगी विजय लेकिन इतना कह सकता हूँ कि यह भारत की नहीं है। यह उस इंस्टीट्यूट की जापानी वीथी में थी, दक्षिण एशियाई वीथी में नहीं। वह अलग है। इस पूरी मूर्ति की फोटो भी डाल रहा हूँ, तस्वीर पूरी हो जाएगी।
ReplyDeleteराहुल जी, कृपया सक्रियता बढ़ाइये; ताकि हम लोगों को कुछ नयी बातें पता चल सकें और हम उनसे कुछ सीख सकें.
ReplyDeleteसुझाव शिरोधार्य विजय। जल्द विमर्श का एक नया विषय आएगा। थोड़ा समय और...
ReplyDeletebeautiful photography!!!
ReplyDeleteराहुल जी, तस्वीर को थोड़ा छोटा करके डालें ताकि एक साथ पूरी तस्वीर को देखा जा सके। मेरे कहने का आशय यह कि क्लोजअप नहीं थोडा दूर से दिखायें, वैसे भी बहुत पास या बहुत दूर की चीजें साफ नहीं दिखायी देतीं।
ReplyDeleteराहुल जी, तस्वीर को थोड़ा छोटा करके डालें ताकि एक साथ पूरी तस्वीर को देखा जा सके। मेरे कहने का आशय यह कि क्लोजअप नहीं थोडा दूर से दिखायें, वैसे भी बहुत पास या बहुत दूर की चीजें साफ नहीं दिखायी देतीं।
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